मलेरिया कितने प्रकार के होते हैं?HealthPlanet

Posted on Tue 29th Nov 2022 : 13:46

मलेरिया कितने प्रकार के होते हैं?

मलेरिया एक पैरासाइटिक रोग है जो एनोफेलीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह एनोफेलीज मच्छर प्लासमोडियम नामक पैरासाइट ढोती हैं। जब यह मच्छर आप को काटता है, पैरासाइट आप के खून में जा कर रेड ब्लड सेल्स को नष्ट करता है।

यह एनोफेलीज मच्छर ट्रॉपिकल और सुब्त्रोपिकाल जगहो पे पाया जाता है। चार प्रकार के मलेरियल पैरासाइट होते है जो इंसानो को इन्फेक्ट करते है:

प्लासमोडियम वाइवेक्स (P.v.) - सबसे ज्यादा मौजूद

प्लासमोडियम ओवाले (P.o.) - सबसे दुर्लभ प्रकार

प्लासमोडियम मलेरिया (P.m.) - हर जगह पे पाया नहीं जाता

प्लासमोडियम फेल्किपेराम (P.f.) - सबसे ख़तरनाक

1. प्लासमोडियम वाइवेक्स (P.v.) – यह प्रकार पुरे दुनिया हुआ हैं और इंडिया में भी बहुत प्रचलित है। इंडिया के लगभग ६०% मलेरिया केसेस P.v द्वारा फैलाये गए है। भले ही इस मलेरिया के प्रकार में बीमारी काफी गंभीर है, परन्तु मृत्यु बहुत ही काम केसेस में होती है। इसके लक्षण दस्त, थकान और बुखार है।

2. प्लासमोडियम ओवाले (P.o.) – यह प्रकार मुख्य रूप से ट्रॉपिकल वेस्ट अफ्रीका में पायी जाती है। यह सबसे दुर्लभ प्रकार है जो कोई अनुबंध कर सकता है। यह इतनी दुर्लभ इसलिए है की मच्छर के काटने के बाद पैरासाइट इंसान के शरीर में बरसो तक रह।

3. प्लासमोडियम मलेरिया (P.m.) – यह प्रकार अमरीका, अफ्रीका और साउथ ईस्ट एशिया के ट्रॉपिकल जगहों पे पायी जाती है। यह बाकी प्रकार जैसा जानलेवा नहीं माना जाता है। इस मलेरिया प्रकार के लक्षण ठंड और तेज बुखार है।

4. प्लासमोडियम फेल्किपेराम (P.f.) – सबसे अधिक मलेरिया के कारन मृत्यु इसी प्रकार के वजह से होती है। यह मुख्य रूप से साउथ ईस्ट एशिया, साउथ अमरीका और अफ्रीका में पाया जाता है। लक्षणों में चक्कर आना, मांसपेशियों में दर्द, थकान, पेट दर्द, दर्दनाक पीठ, दौरे, मतली, उल्टी, बुखार, सिरदर्द आदि शामिल हैं। पैरालिसिस, कंवल्सन इत्यादि जैसे गंभीर लक्षण हो सकते हैं।

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